Alert 1 तारीख से बदल जाएगा UPI और नेट बैंकिंग का नियम, बिना इसके नहीं होगा कोई पेमेंट, RBI का सख्त आदेश

 

RBI का नया नियम

डिजिटल पेमेंट करने वाले करोड़ों भारतीयों के लिए एक बेहद जरूरी खबर सामने आ रही है। अगर आप भी अपने मोबाइल फोन से Google Pay, PhonePe, Paytm या नेट बैंकिंग के जरिए पैसों का लेनदेन करते हैं, तो सावधान हो जाएं। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने ऑनलाइन फ्रॉड और साइबर धोखाधड़ी को रोकने के लिए डिजिटल पेमेंट के नियमों में एक बड़ा और कड़ा बदलाव करने का फैसला किया है। यह नया नियम आने वाली 1 तारीख से देश भर में लागू होने जा रहा है, जिसके बाद यदि आपने एक खास सेटिंग या वेरिफिकेशन प्रक्रिया पूरी नहीं की, तो आपका कोई भी ऑनलाइन पेमेंट पूरा नहीं हो पाएगा।

क्या है RBI का नया नियम? (2-Factor Authentication)

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के नए निर्देशों के अनुसार, अब देश में होने वाले सभी ऑनलाइन और डिजिटल ट्रांजैक्शन के लिए टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन' (2FA) को बेहद सख्त कर दिया गया है। अभी तक जब आप यूपीआई (UPI) से पैसे ट्रांसफर करते थे, तो आपको सिर्फ अपना 4 या 6 अंकों का UPI PIN डालना होता था। लेकिन नए नियम के लागू होने के बाद, सिर्फ पिन डालने से काम नहीं चलेगा। सुरक्षा को मजबूत करने के लिए बैंकों और पेमेंट ऐप्स को अब एक अतिरिक्त सुरक्षा लेयर (अतिरिक्त वेरिफिकेशन) जोड़नी होगी।

बिना इसके फेल हो जाएगा आपका पेमेंट

आरबीआई ने साफ किया है कि साइबर अपराधी आजकल सिम-स्वैप (SIM-Swap) और फिशिंग अटैक के जरिए लोगों के स्टैटिक क्रेडेंशियल्स जैसे पिन चुरा लेते हैं। इसी को रोकने के लिए अब ट्रांजैक्शन करते समय दो अलग-अलग कैटेगरी के सुरक्षा मानकों का इस्तेमाल होगा। उदाहरण के लिए, पेमेंट करने के लिए आपको UPI PIN के साथ-साथ आपके फोन का बायोमेट्रिक (फिंगरप्रिंट या फेस आईडी) या फिर आपके रजिस्टर्ड नंबर पर आने वाला डायनेमिक OTP भी दर्ज करना पड़ सकता है। अगर इन दोनों में से कोई भी एक सुरक्षा जांच फेल होती है, तो बैंक उस ट्रांजैक्शन को तुरंत ब्लॉक कर देगा

आम जनता पर क्या पड़ेगा इसका असर

ज्यादा सुरक्षा इस नियम के आने के बाद अगर कोई आपका यूपीआई पिन (UPI PIN) जान भी लेता है, तो भी वह आपके खाते से पैसे नहीं उड़ा पाएगा क्योंकि उसके पास आपका फिंगरप्रिंट या डायनेमिक ओटीपी नहीं होगा पेमेंट में थोड़ा ज्यादा समय अब आपको भुगतान करते समय एक की जगह दो लेवल की सिक्योरिटी से गुजरना होगा, जिससे पेमेंट प्रोसेस में 2-5 सेकंड का समय थोड़ा ज्यादा लग सकता है।हाई-वैल्यू ट्रांजैक्शन पर ज्यादा सख्ती: बड़े अमाउंट या किसी अनजान खाते में पैसे भेजते समय बैंक आपसे अतिरिक्त सुरक्षा जांच मांग सकता है

निष्कर्ष 


RBI का यह कदम डिजिटल पेमेंट को पूरी तरह सुरक्षित और फ्रॉड-मुक्त बनाने के लिए उठाया गया है। यदि आप चाहते हैं कि 1 तारीख के बाद भी आपका UPI और नेट बैंकिंग बिना किसी रुकावट के काम करता रहे, तो अपने बैंक ऐप और गूगल पे/फोनपे जैसे ऐप्स को Google Play Store से तुरंत अपडेट कर लें और अपनी प्रोफाइल में बायोमेट्रिक लॉक को इनेबल करके जरूर रखें।

Written by: jodh singh

कोई टिप्पणी नहीं

thanks